खैर कोई बात नही जो साथ तेरा छुट गया धागा वफाओ का था जो कुछ बातो से ही टूट गया कल तक जो मेरा अपना था आज मुझसे ही रुठ गया खैर कोई बात नही जो तेरा साथ छूट गया |मोहब्बत मे तेरी तेरा इंतजार करूँगा अकेले ही सही तेरी याद मे मै ठंडी आह भरुंगा चाहत को अपनी फिर से पाने की खुदा से दुआ करूँगा |तन्हा अकेले बे-मन चलूँगा तडप को अपनी सीने मे दबा मुस्कुराकर चलूँगा ज़ज़्बात अपने दबा कर चलूँगा कोई पूछेगा दर्द मेरा उसकादिल बहला कर चलूँगा |तुम लौट आओगी इक दिन खुद मे मै ज़िद ये भरुन्गा किसी और का ना बनूँगा |तेरा ही हु मै तेराही रहूँगा |#पुकार_दिल_की ©Ashok Bamniya
Observe human life aspects. Life philosopher. A poet. Writer And mathematics lover. जिन्दगी , मेरी जान और तुम से बढकर कोई हसरत नही मेरी| आप का आपसे सँवाद हे जिन्दगी | बात दिल की आँखो से बया कर , लफ्जो से शिकायत ना कर | जमाना सारा तेरी मोहब्बत मे तेरा अखबार हो गया | Creator -© Ashok Bamniya
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बहुत ही सुन्दर और भावपूर्ण रचना 🙏
ReplyDeleteबहुत- बहुत धन्यवाद अभिलाषा जी
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